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बुधवार, 5 सितंबर 2018

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भारतीय गेंदबाज आर पी सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप (आरपी) सिंह ने 04 सितम्बर 2018 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की हैं. उन्होंने उसी तारीख को संन्यास लिया जिस तारीख को 13 साल पहले आगाज किया था.
आरपी सिंह ने 04 सितंबर 2005 को जिम्बाब्वे के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. गौरतलब है कि पिछले कई सालों से आरपी सिंह मैदान से दूर हैं और अब वो पूरी तरह से कमेंट्री पर ध्यान देते हुए नजर आ रहे हैं. आरपी सिंह का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर लगभग छह साल रहा.
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आरपी सिंह के बारे में:
•    आरपी सिंह का जन्म 06 दिसंबर 1985 को रायबरेली, उत्तर प्रदेश में हुआ था.
•    उन्होंने अपने करियर में भारत के लिए 58 अंतर्राष्ट्रीय वनडे और 14 टेस्ट मैच खेलें हैं.
•    उन्होंने भारत के लिए दस अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच भी खेले हैं, जिनमें वर्ष 2007 का टी-20 विश्व कप भी शामिल है. उन्होंने टी-20 मैच में कुल 15 विकेट लिए हैं.
•    आरपी सिंह ने 58 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 42.97 की स्ट्राइक रेट से कुल 104 रन बनाए हैं. इन 104 रनों में 5 चौके और 1 छक्का भी शामिल है. उन्होंने वनडे मैच में 58 मैच में 69 विकेट लिए हैं.
•    आरपी ने 14 टेस्ट मैच में 19 पारी खेली हैं जिसमें 42.02 की स्ट्राइक रेट से 116 रन बनाए हैं. टेस्ट मैच में आरपी ने 16 चौके और 1 छ्क्का लगाया है. वहीं टेस्ट मैच में 2,534 रन देकर 40 विकेट लिए हैं.
•    उन्होंने अपना एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच वर्ष 2005 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था. वहीं 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में उन्होंने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच खेला था.
•    उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच वर्ष 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में खेला था. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला.
•    आरपी सिंह ने आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए कुल 82 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 7.9 रन प्रति/ओवर की दर से 90 विकेट लिए हैं.
आरपी सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में बार-बार विकेट लेते हुए अपनी योग्यता को साबित करने में सफल रहे, जिनमें उन्होंने बेकार से बेकार पिच पर भी स्विंग गेंदबाजी करने की अपनी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन भी किया है, जिससे वे भारत के लिए एक तेज गेंदबाज के एक अच्छे विकल्प बन गए, जो अपने खुद के दम पर पूरे मैच को बदलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं.

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